सोमवार, 9 सितंबर 2024

कुछ फर्ज थे मेरे, जिन्हें यूं निभाता रहा।

 खुद को भुलाकर, हर दर्द छुपाता रहा।।

आंसुओं की बूंदें, दिल में कहीं दबी रहीं। 

दुनियां के सामने, व्यर्थ मुस्कुराता रहा।।

रातें लंबी थीं, पर नींद कभी भी आई नहीं। 

चाहतें भी थीं, पर ज़ाहिर कभी हो पाई नहीं।।

हर ख़्वाब अधूरा, दिल में कहीं समाया रहा। 

फर्ज की आग में, मैं खुद को जलाता रहा।।

न कभी शिकायत की, अपने दर्द की मैंने। 

हर जख्म पर, मरहम वक्त ने लगा दिया।।

जिम्मेदारियों के बोझ तले, झुका रहा मैं। 

सोया ही था कि, ख्वाब ने फिर जगा दिया।।

कभी सोचा ही नहीं, क्या पाया, क्या खो दिया। 

जीवन के इस खेत में, जो बीज फर्ज का बो दिया।।

बो कर बीज फ़र्ज़ का, मैं दर्द को उगाता रहा।

 के कुछ फर्ज थे मेरे, जिन्हें मैं यूं निभाता रहा।।

गुरुवार, 22 अगस्त 2024

 शादी जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. सही जीवनसाथी का चुनाव हमारे जीवन को अच्छा और खुशनुमा बना सकता है. सही जीवनसाथी का चुनाव मानसिक और भावनात्मक विचारों की स्थिति के लिए भी महत्वपूर्ण हैं. जब आप एक ऐसे व्यक्ति का चुनाव करते हैं जो आपके मूल्यों और दृष्टिकोण को समझता है, तो जीवन की चुनौतियों का सामना करना आसान हो जाता है। 

ईमानदारी और भरोसा किसी भी रिश्ते की नींव होती है. अगर आपका जीवनसाथी आपके प्रति ईमानदार है, तो आप दोनों एक-दूसरे पर पूरी तरह से भरोसा कर सकते हैं. यह विश्वास आपके रिश्ते को गहरा बनाता है और किसी भी मुश्किल समय में साथ रहने का हौसला देता है.

जीवनसाथी का समर्थन और प्रोत्साहन आपको आत्मविश्वास देता है. उनका साथ और हौसला आपको किसी भी मुश्किल समस्या को संभालने की हिम्मत देता है. एक अच्छे जीवनसाथी को हमेशा आपका साथ देना चाहिए.

प्यार और सम्मान एक अच्छे रिश्ते के लिए जरूरी है क्योंकि यही इसकी पहचान है. आपके जीवनसाथी को आपके विचारों, भावनाओं और इच्छाओं का सम्मान करना चाहिए. और आपके प्रति उन्हें सच्चा प्यार होना चाहिए.

हर रिश्ते में कभी-कभी समझौते की जरूरत होती है। एक अच्छे जीवनसाथी में समझौते की क्षमता होनी चाहिए। इससे आप दोनों के बीच के झगड़े और मतभेद आसानी से सुलझ सकते हैं और आपका रिश्ता मजबूत बना रहेगा।

आर्थिक समझदारी एक अच्छे जीवनसाथी की निशानी है. उन्हें पैसे का सही इस्तेमाल करना आना चाहिए और आर्थिक समस्याओं का हल निकालने की क्षमता होनी चाहिए. इससे आपका जीवन आर्थिक दृष्टि से संतुलित और सुरक्षित रहेगा.

मंगलवार, 20 अगस्त 2024

 मोक्ष-पट अर्थात साँप  सीढी   खेल का प्रारम्भिक उल्लेख और श्रेय तेहरवीं शताब्दी में महाराष्ट्र के संत-कवि ज्ञानदेव को जाता है। उस समय इस खेल को मोक्ष-पट का नाम दिया गया था। खेल का लक्ष्य केवल मनोरंजन ही नहीं था अपितु हिन्दू धर्म मर्यादाओं का ज्ञान मनोरंजन के साथ साथ जन साधारण को देना भी था। खेल को एक कपडे पर चित्रित किया गया था जिस में कई खाने बने होते थे और उन्हें घर की संज्ञा दी गयी थी।प्रत्येक घर को दया, करुणा, भय आदि भाव-वाचक संज्ञाओं से पहचाना जाता था। सीढियाँ सद्गुणों को तथा साँप अवगुणों का प्रतिनिधित्व करते थे। साँप और सीढियों का भी अभिप्राय था। साँप की तरह की हिंसा जीव को नरक में धकेल देती थी तथा विद्याभ्यास उसे सीढियों के सहारे उत्थान की ओर ले जाते थे। खेल को सारिकाओं या कौडियों की सहायता से खेला जाता था। सतरहवीं शताब्दी में यह खेल थँजावर में प्रचिल्लित हुआ।इस के आकार में वृद्धि की गयी तथा कई अन्य बदलाव भी किये गये। तब इसे ‘परमपद सोपान-पट्टा’ कहा जाने लगा। इस खेल की नैतिकता विकटोरियन काल के अंग्रेजों को भी कदाचित भा गयी और वह इस खेल को 1892 में इंगलैण्ड ले गये। वहाँ से यह खेल अन्य योरूपीय देशों में लुड्डो अथवा स्नेक्स एण्ड लेडर्स के नाम से फैल गया।

शुक्रवार, 16 अगस्त 2024

मेरी बहू

 बहू और बेटियों मे जो अन्तर है वो मिटाया नहीं जा सकता। बेटियों को हम डांट नहीं सकते।उनको टोक नहीं सकते।बेटियों से अपने काम के लिए नहीं कह सकते। बेटियां बुढ़ापे का सहारा नहीं हो सकतीं। बेटियां किसी की अमानत होती है। भगवान ने उनके जिम्मे कोई काम लगाया है जिसको पूरा करने के लिये वे एक नये घर आंगन की शोभा बन कर उसे संवारती है।

मेरी बहू मेरी बेटी नहीं मेरी अच्छी दोस्त,मेरा सहारा है। मेरी बहू मेरे बेटे की हमसफर बनकर मेरा दूसरा बेटा बनीं है। मेरी बहू मेरे बेटे के साथ मिलकर हमारे जीवन को खुशियों से भरने का पूरा प्रयास करती है। मेरी बहू मेरे घर की रौनक है। मेरी बहू ने मेरे बेटे की जिंदगी मे आकर उसके जीवन को भी संवारने की कोशिश की है। भगवान मेरा आशिर्वाद,मेरा प्यार सदा उस पर बनाए रखें।

रविवार, 4 अगस्त 2024

 अगर आपका या कोई बच्चा, किसी परीक्षा परिणाम को लेकर चिंतित दिखें तो उसे गले से लगाना और कहना, चिंता की आवश्यकता ही नहीं, हाँ माना चिंता होती हैं हम भी निकले हैं इस दौर से, परंतु जो भी होगा हमें स्वीकार्य हैं हमें आपकी मेहनत पर पूर्ण विश्वास हैं... और फिर 90-95 की इस भीड़ में, 70-80 वाला भी कम नहीं होता, इन चंद अंक से पूरा जीवन तय नहीं होता..!

मंगलवार, 30 जुलाई 2024

 भोलेनाथ के भक्ति के लिए कुछ प्रसिद्ध और पवित्र मन्त्र यह हैं:

1. "ॐ नमः शिवाय" - यह सबसे प्रसिद्ध और पवित्र मंत्र है, जो भगवान शिव की आराधना के लिए उपयोग किया जाता है।

2. "महामृत्युंजय मंत्र" - यह मंत्र भगवान शिव की कृपा और सुरक्षा के लिए जाप किया जाता है।।

3. "शिव चालीसा" - यह एक पवित्र भजन है, जिसमें भगवान शिव की महिमा और भक्ति का वर्णन किया गया है।

4. "ॐ शिव ॐ शिव ॐ शिव" - यह एक सरल और प्रभावी मंत्र है, जो। भगवान शिव की आराधना के लिए उपयोग किया जाता है।

इन मंत्रों और भजनों का जाप करके, आप भगवान शिव की भक्ति में लीन हो सकते हैं और उनकी कृपा प्राप्त कर सकते हैं।

हर हर महादेव

सोमवार, 29 जुलाई 2024

 गृहस्थ जीवन में जितने भी सुख हैं, वे सब दाम्पत्य जीवन की सफलता पर निर्भर हैं। दाम्पत्य जीवन सुखी न हुआ तो अनेक तरह के वैभव होने पर भी मनुष्य सुखी, सन्तुष्ट तथा स्थिरचित्त न रह सकेगा। जिनके दाम्पत्य जीवन में किसी तरह का क्लेश कटुता तथा संघर्ष नहीं होता वे लोग बल, उत्साह और साहसयुक्त बने रहते हैं। गरीबी में भी मौज का जीवन बिताने की क्षमता दाम्पत्य जीवन की सफलता पर निर्भर है, इसे प्राप्त किया ही जाना चाहिए।

“तू करता वहीं है जो तू चाहता है। होता वहीं है जो मैं चाहता हूं। इसलिए तू वो कर जो मैं चाहता हूं। फिर होगा वहीं जो तू चाहता है।” मनुष्य की इच...